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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯
सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ मातृतà¥à¤µ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना
माताओं की मृतà¥à¤¯à¥ के सामानà¥à¤¯ कारण
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ सावधानी
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤¾
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨
कारà¥à¤¯à¤à¤¾à¤°, विशà¥à¤°à¤¾à¤® और नींद
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाले लकà¥à¤·à¤£
बीमारी
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त साफ-सफाई
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान संà¤à¥‹à¤—
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ तथा जटिलता के लिठतैयारी
पà¥à¤°à¤¸à¤µ की तैयारी
जोखिम से निपटने की लिठतैयारी
पी.à¤à¤š.सी.
रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¨ के लिठतैयारी
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤ªà¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤-शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• में जाना
खान-पान और विशà¥à¤°à¤¾à¤®
साफ-सफाई
सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ मातृतà¥à¤µ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना
सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ मातृतà¥à¤µ का आशय यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना है कि सà¤à¥€ महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और बचà¥à¤šà¤¾ पैदा होने के दौरान आवशà¥à¤¯à¤• जानकारी की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की जाà¤à¥¤ आई à¤à¤¸ पी डी में उलà¥à¤²à¤¿à¤–ित मातृतà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवाà¤à¤‚ इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ मातृतà¥à¤µ की शिकà¥à¤·à¤¾
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ देख-à¤à¤¾à¤² और परामरà¥à¤¶ देना
मातृतà¥à¤µ के लिठपौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार में वृदà¥à¤§à¤¿ करना
सà¤à¥€ मामलों में पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सहायता
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में निरà¥à¤£à¤¯ के लिठà¤à¥‡à¤œà¥‡ मामलों, बचà¥à¤šà¤¾ जनà¥à¤® और गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ की जटिलताओं सहित गरà¥à¤ विमोचन की आपात सà¥à¤¤à¤¿à¤¥à¤¿ में सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ उपलबà¥à¤§ कराना
बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® से पूरà¥à¤µ सावधानियां
माताओं की मृतà¥à¤¯à¥ के सामानà¥à¤¯ कारण
मातृतà¥à¤µ मृतà¥à¤¯à¥ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारणों को तीन कोटियों में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया जा सकता है-सामाजिक, चिकितà¥à¤¸à¤•ीय और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सावधानी सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤à¤‚ :
सामाजिक कारण
चिकितà¥à¤¸à¤•ीय
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सावधानी सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं की उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾
विवाह और गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ जलà¥à¤¦à¥€ होना
बार-बार बचà¥à¤šà¤¾ होना
बेटों को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देना
रकà¥à¤¤ की कमी
खतरों के संकेत और लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की जानकारी की कमी
विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के पास à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ में विलंब
पà¥à¤°à¤¸à¤µ वेदना में रूकावट
रकà¥à¤¤ सà¥à¤°à¤¾à¤µ (पà¥à¤°à¤¸à¤µ से पूरà¥à¤µ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद)
टोकà¥à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤¯à¤¾
संकà¥à¤°à¤®à¤£ या सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸
केंदà¥à¤° में आवशà¥à¤¯à¤• वसà¥à¤¤à¥à¤“ं की सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ और पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की कमी
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯-करà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सदà¥à¤à¤¾à¤µ की कमी
जटिलताओं की चिकितà¥à¤¸à¤¾ में कमी
चिकितà¥à¤¸à¤¾-करà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ करना
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ सावधानी
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ देखà¤à¤¾à¤² का संबंध गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को दी जाने वाली सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की जानकारी और नियमित चिकितà¥à¤¸à¤¾ जांच से होता है जिससे कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो सके। मातृतà¥à¤µ असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¤à¤¾ और मातृ मृतà¥à¤¯à¥ के मामलों की पहले ही जांच और चिकितà¥à¤¸à¤¾ कर इन मामलों में कमी लायी जा सकती है। गंà¤à¥€à¤° खतरों वाली गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और उचà¥à¤š पà¥à¤°à¤¸à¤µ वेदना की छानबीन के लिठपà¥à¤°à¤¸à¤¬ पूरà¥à¤¬ जाà¤à¤š (ठà¤à¤¨ सी) à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ सावधानी के महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंगों पर आगे विचार किया जा रहा हैः
समय-पूरà¥à¤µ पंजीकरण
जैसे ही गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ का पता चले, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ देखà¤à¤¾à¤² के लिठपहली बार जाकर नाम दरà¥à¤œ कराना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ आयॠकी पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• विवाहित महिला को सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ केनà¥à¤¦à¥à¤° में जाने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करना चाहिठअथवा महिला के सà¥à¤µà¤¯à¤‚ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महसूस करने पर इसकी सूचना देनी चाहिà¤à¥¤ आदरà¥à¤¶ रूप में पहली बार गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¥à¤® तिमाही (गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¥à¤® तिमाही) अथवा 12 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से पहले सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ केनà¥à¤¦à¥à¤° पर जाना चाहिà¤à¥¤ तथापि, यदि कोई महिला गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ की आखिरी अवधि में केंदà¥à¤° पर आती है तो उसको पंजीकरण कर लेना चाहिठऔर गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ की आयॠके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सहायता मà¥à¤¹à¥ˆà¤¯à¤¾ करानी चाहिà¤à¥¤
समय-पूरà¥à¤µ पंजीकरण का महतà¥à¤µ
मां के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का आकलन तथा रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª और वजन आदि के संबंध में आधारà¤à¥‚त जानकारी पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की जा सके।
जटिलताओं से शीघà¥à¤° निपटा जा सके तथा आवशà¥à¤¯à¤• होने पर निरà¥à¤£à¤¯ के लिठà¤à¥‡à¤œà¤•र समà¥à¤šà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¬à¤‚ध किया जा सके।
महिला को अपने मासिक-धरà¥à¤® की अवधि की तारीख याद करने में सहायता करनी चाहिà¤à¥¤
महिला को टी टी इंजेकà¥à¤¶à¤¨ की पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• समय के अंदर ही देनी चाहिठ(गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ के 12 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के अंदर)
शीघà¥à¤° और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं के लिठसहायता करें (यदि महिला गरà¥à¤ नहीं रखना चाहती हो)
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤¾
वजनः
जब à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤¾ के लिठजाती है तो उसके वजन की जांच करनी चाहिà¤à¥¤ सामानà¥à¤¯à¤¤à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का वजन 9 से 11 कि. गà¥à¤°à¤¾à¤® तक बढ़ जाना चाहिà¤à¥¤ पहली तिमाही के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का वजन 2 किलो गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿ माह अथवा 0.5 पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बढ़ना चाहिà¤à¥¤ यदि आवशà¥à¤¯à¤• कैलोरी की मातà¥à¤°à¤¾ से खà¥à¤°à¤¾à¤• परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं हो तो महिला अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान 5 से 6 किलो गà¥à¤°à¤¾à¤® वजन ही बढ़ा सकती है। यदि महिला का वजन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¹ 2 किलो गà¥à¤°à¤¾à¤® से कम बढ़ता हो, तो अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ खà¥à¤°à¤¾à¤• समà¤à¤¨à¥€ चाहिà¤à¥¤ उसके लिठअतिरिकà¥à¤¤ खादà¥à¤¯ आवशà¥à¤¯à¤• होता है। वजन कम बढ़ने से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर गड़बड़ी का अंदेशा होता है और वह कम वजन वाले बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® में परिणत होता है। अधिक वजन बढ़ने (> 3 किलो गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¹) से पà¥à¤°à¥€ à¤à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ªà¤¸à¤¿à¤¯à¤¾/जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ समà¤à¤¨à¥€ चाहिà¤à¥¤ उसको चिकितà¥à¤¸à¤¾ अधिकारी के पास जाà¤à¤š के लिठà¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤
ऊंचाईः
मातृवंश और पà¥à¤°à¤¸à¤µ परिणाम के बीच संबंध है, कम से कम कà¥à¤› अंश तक कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बहà¥à¤¤ ही कम ऊंचाई वाली सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ की शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ (पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸) छोटी होने के कारण इसका जोखिम बढ़ जाता है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जिनकी ऊंचाई 145 सेंटी मीटर से कम होती है, उनमें पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ होने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है और अति खतरा संवेदी महिला समà¤à¥€ जाती है तथा उसके लिठअसà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में ही पà¥à¤°à¤¸à¤µ की सिफारिश की जाती है।
रकà¥à¤¤ चापः
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की जाà¤à¤š बहà¥à¤¤ ही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होता है जिससे कि गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ के दौरान अति तनाव का विकार न होने पाà¤à¥¤ यदि रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª उचà¥à¤š हो (140-90 से अधिक अथवा 90 à¤à¤®à¤à¤® से अधिक डायलेटेशन) और मूतà¥à¤° में अलà¥à¤¬à¥‚मिन की मातà¥à¤°à¤¾ पाई जाठतो महिला को पà¥à¤°à¥€-à¤à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ªà¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ कोटि में मान लेना चाहिà¤à¥¤ यदि डायासà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• की मातà¥à¤°à¤¾ 110 à¤à¤® à¤à¤® à¤à¤š जी से अधिक हो तो उसे ततà¥à¤•ाल गंà¤à¥€à¤° बीमारी की निशानी माना जाà¤à¤—ा। इस पà¥à¤°à¤•ार की महिला को ततà¥à¤•ाल सीà¤à¤šà¤¸à¥€/à¤à¤« आर यू में जाà¤à¤š के लिठà¤à¥‡à¤œ देना चाहिà¤à¥¤ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला जो कि तनाव (पी आई à¤à¤š) / पी à¤à¤•लेमà¥à¤ªà¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो उसको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कराने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
पैलोरः
यदि महिला के निचले पलक की जोड़, हथेली और नाखून, मà¥à¤‚ह का कफ और जीठपीले हों तो उससे यह संकेत मिलता है कि महिला में खून की कमी है।
शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की दर (आर आर):
विशेषरूप से यदि महिला सांस न ले सकने की शिकायत करती हो तो शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की जांच करना अति महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। यदि शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ 30 सांस पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मिनट से अधिक हो और कफ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता हो तो यह संकेत मिलता है कि महिला को खून की à¤à¤¾à¤°à¥€ कमी है तथा उसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जांच के लिठà¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ अतà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¶à¥à¤¯à¤• है।
सामानà¥à¤¯ सूजनः
चेहरे पर सांस फूलने को सामानà¥à¤¯ सूजन होना माना जाता है तथा इससे पà¥à¤°à¥€ à¤à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ªà¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ समà¤à¤¨à¥€ चाहिà¤à¥¤
उदरीय परीकà¥à¤·à¤¾à¤ƒ
गरà¥à¤ और à¤à¥à¤°à¥‚ण में वृदà¥à¤§à¤¿ और à¤à¥à¤°à¥‚ण न होने तथा होने पर निगरानी रखने के लिठउदरीय परीकà¥à¤·à¤¾ करनी चाहिà¤à¥¤
लौह फोलिक अमà¥à¤² (आई à¤à¤« à¤) की आपूरà¥à¤¤à¤¿à¤ƒ
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को खून की कमी के खतरों से बचाने के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अधिकाधिक लौह की आवशà¥à¤¯à¤•ता पर जोर डालें। सà¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ के बाद की पहली तिमाही अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ 14 से 16 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ आई à¤à¤« ठ(100 à¤à¤® जी मौलिक लौह और 0.5 à¤à¤® जी फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡) की à¤à¤• गोली 100 दिन तक देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। आई à¤à¤« ठकी यह मातà¥à¤°à¤¾ (पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¾à¤‡à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤• खà¥à¤°à¤¾à¤•) खून की कमी को रोकने के लिठदी जाती है। यदि किसी महिला में खून की कमी हो (à¤à¤š बी<जी/डीà¤à¤²) या उसको पैलोर हो तो उसे तीन माह तक आई à¤à¤« ठकी 2 गोलियों की मातà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ देते रहें। इसका यह आशय हà¥à¤† कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आई à¤à¤« ठकी कम से कम 200 गोलियां देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। आई à¤à¤« ठगोलियों की यह मातà¥à¤°à¤¾ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• खून की कमी वाली(à¤à¤š बी<7जी/डीà¤à¤²) अथवा सांस न ले सकने वाली और खून की कमी के कारण चिड़-चिड़ाहट महसूस करने वाली महिलाओं को (सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤•र मातà¥à¤°à¤¾) सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाने के लिठआवशà¥à¤¯à¤• होती है। इन महिलाओं को आई à¤à¤« ठकी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¤•र मातà¥à¤°à¤¾ आरंठकर और आगे अगली देखà¤à¤¾à¤² के लिठसंबदà¥à¤§ डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास सलाह के लिठà¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤
टेटनस टोकà¥à¤¸à¤¾à¤ˆà¤¡ का इंजेकà¥à¤¶à¤¨ देनाः
नवजात शिशॠकी टेटनस से रोकथाम के लिठटी टी इंजेकà¥à¤¶à¤¨ की 2 मातà¥à¤°à¤¾ देना बहà¥à¤¤ ही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। टी-टी इंजेकà¥à¤¶à¤¨ की पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• पहली तिमाही के ठीक बाद में या जैसे ही कोई महिला ठà¤à¤¨ सी के लिठअपना नाम दरà¥à¤œ कराà¤, जो à¤à¥€ बाद में हो, देनी चाहिà¤à¥¤ गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ की पहली तिमाही के दौरान टी टी इंजेकà¥à¤¶à¤¨ नहीं देना चाहिà¤à¥¤ पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• के à¤à¤• माह बाद ही अगली इंजेकà¥à¤¶à¤¨ की खà¥à¤°à¤¾à¤• देनी चाहिठकिंतॠई डी डी से à¤à¤• माह पहले ही।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिला की खà¥à¤°à¤¾à¤• इस पà¥à¤°à¤•ार होनी चाहिà¤, जिससे बढ़ रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण, मां के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का रख - रखाव, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान आवशà¥à¤¯à¤• शारीरिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और सफल सà¥à¤¤à¤¨-पान कराने की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठआवशà¥à¤¯à¤•ताओं की पूरà¥à¤¤à¤¿ की जा सकेः
à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ आहार अनिवारà¥à¤¯ होता है। यदि संà¤à¤µ हो तो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में दूध, अंडे, मछली, पॉलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ और मांस का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ यदि वह शाकाहारी हो तो उसे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अनाजों तथा दालों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना होगा।
खून की कमी न होने पाà¤, इसलिठशिशॠमें रकà¥à¤¤ वृदà¥à¤§à¤¿ के लिठलौह अतà¥à¤¯à¤‚त महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ रखता है। मां को चीनी के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर गà¥à¤¡à¤¼ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना चाहिà¤, बाजरे से बने खादà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को खाना चाहिà¤, साथ ही तिल के बीज और गहरी हरी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ वाली सबà¥à¤œà¥€ का à¤à¤°à¤ªà¥‚र पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना चाहिà¤à¥¤
शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और दांतो की वृदà¥à¤§à¤¿ के लिठकैलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤® आवशà¥à¤¯à¤• है। दूध कैलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤® का अति उतà¥à¤¤à¤® सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। रागी और बाजरे में à¤à¥€ कैलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤® उपलबà¥à¤§ होता है। उसको छोटी सूखी मछली खाने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठविटामिन महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होती है। उसको साग-सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का à¤à¤°à¤ªà¥‚र पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— (विशेष रूप से गहरी हरी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ वाली) करना चाहिठऔर खटà¥à¤Ÿà¥‡ पà¥à¤°à¤•ार के फलों सहित फलों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना चाहिà¤à¥¤
संशोधित à¤à¥‹à¤œà¤¨à¤ƒ
1. सूजन में कमी लाने के लिठकम नमक वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ लेने चाहिà¤à¥¤ महिला सामानà¥à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खा सकती है किंतॠनमकीन या नमक रहित पकाना चाहिà¤à¥¤
2. पà¥à¤°à¥€ à¤à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ªà¤¸à¤¿à¤¯à¤¾, विशेष रूप से मूतà¥à¤° में अलबूमिन पाठजाने पर उचà¥à¤š पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ खà¥à¤°à¤¾à¤• लेनी चाहिà¤à¥¤ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को अपनी पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ खà¥à¤°à¤¾à¤• बढ़ाने की सलाह देनी चाहिà¤à¥¤
कारà¥à¤¯à¤à¤¾à¤°, विशà¥à¤°à¤¾à¤® और नींद
बहà¥à¤¤ सी महिलाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर कड़ी मेहनत या पहले से à¤à¥€ अधिक कड़ी मेहनत से काम करना जारी रखती है। अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• शारीरिक शà¥à¤°à¤® के वजह से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤, अपरिपकà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति या कम वजन वाले शिशॠ(विशेष रूप से जबकि महिला परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ न कर रही हो) पैदा होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को यथासंà¤à¤µ à¤à¤°à¤ªà¥‚र विशà¥à¤°à¤¾à¤® करना चाहिà¤à¥¤ दिन के समय उसको लेटकर कम से कम à¤à¤• घंटे का विशà¥à¤°à¤¾à¤® करना चाहिठतथा पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• रात में 6 से 10 घंटे सोना चाहिà¤à¥¤ करवट के बल सोना हमेशा आरामदायक होता है तथा इससे पल रहे शिशॠको रकà¥à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ में वृदà¥à¤§à¤¿ होती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाले लकà¥à¤·à¤£
निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ होती है और जटिलताओं के संकेत हैं:
असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ सूचक लकà¥à¤·à¤£
जटिलता सूचक लकà¥à¤·à¤£
मिचली और उलà¥à¤Ÿà¥€ होना
हृदय में जलन
कबà¥à¤œ
बार बार पेशाब आना
बà¥à¤–ार
योनि से सà¥à¤°à¤¾à¤µ
धड़कन तेज होना, आराम के दौरान à¤à¥€ थकावट होना या सांस तेज चलना
सामानà¥à¤¯ रूप से शरीर फूल जाना, चेहरा फूल जाना
पेशाब कम मातà¥à¤°à¤¾ में आना
योनि से रकà¥à¤¤ सà¥à¤°à¤¾à¤µ होना
à¤à¥à¤°à¥‚ण की गति कम होना अथवा नहीं होना
योनि दà¥à¤µà¤¾à¤° से तरल पदारà¥à¤¥ का रिसाव
बीमारी
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बीमार पड़ना असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• और अरà¥à¤šà¤¿à¤•र होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ अपने आप में असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• होता है और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कà¥à¤› दवाइयां वरà¥à¤œà¤¿à¤¤ होती है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ मलेरिया जैसी कà¥à¤› बीमारियां गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा कर देती है। इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ कारणों से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं को बीमारियों और संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचने के लिठविशेष सावधान रहने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। उदारहण के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सोते समय मचà¥à¤›à¤°à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना चाहिठतथा à¤à¤¸à¥‡ पानी का उपयोग नहीं करना चाहिठजिससे सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥‹à¤®à¤¿à¤¯à¤¾à¤¸à¤¿à¤¸ जैसी बीमारी होती हो।
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त साफ-सफाई
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करने से ताजगी आती है तथा इससे संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होने अथवा बीमार पड़ने से बचा जा सकता है। यह विशेष रूप से महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ और जननेंनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯ गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤‚गों की सà¥à¤µà¤šà¥à¤› पानी से बार-बार सफाई की जाà¤à¥¤ रà¥à¤•à¥à¤· रासायनिकों तथा पà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤²à¤•ों की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे हानि कारक à¤à¥€ हो सकते हैं। सूती हलà¥à¤•े फà¥à¤²à¥à¤•े ढीले-ढाले कपड़ों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— उचित होता है। सही आकार की चोलियां सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को सहारा पहà¥à¤‚चाती हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤¤à¤¨ बड़े और मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® हो जाते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान संà¤à¥‹à¤—
संपूरà¥à¤£ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान संà¤à¥‹à¤— सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है बशरà¥à¤¤à¥‡à¤‚ कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ सामानà¥à¤¯ हो। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान संà¤à¥‹à¤— से तब बचकर रहना चाहिठजबकि गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होने का खतरा हो (पहले लगातार गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ हो चà¥à¤•े हों) या समय से पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ हो (अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ पहले समय से पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ हो चà¥à¤•े हों)।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ तथा जटिलता के लिठतैयारी
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान होने वाली अधिकांश जटिलताओं के विषय में पहले से ही कà¥à¤› कहा नहीं जा सकता है। अतः पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में किसी à¤à¥€ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ आपात सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के लिठतैयारी की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ की तैयारी
सà¤à¥€ गरà¥à¤à¤¿à¤£à¥€ महिलाओं को किसी संसà¥à¤¥à¤¾à¤—त पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठही पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान कोई à¤à¥€ जटिलता हो सकती है, जटिलताओं के विषय में कà¥à¤› कहा नहीं जा सकता, उनसे जचà¥à¤šà¤¾ और/या बचà¥à¤šà¤¾ दोनों की जान जा सकती है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के संकेतः
निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित संकेतों में से कोई à¤à¥€ संकेत मिलने पर महिला को सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ यूनिट में जाने की सलाह देनी चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनसे पà¥à¤°à¤¸à¤µ आरंठहोने का संकेत मिलता है -
जननेंनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯ मारà¥à¤— से खून मिला दà¥à¤°à¤µ आना
20 मिनट अथवा इससे कम समय पर आंतों में दरà¥à¤¦ से संकà¥à¤šà¤¨
पानी की थैली फट चà¥à¤•ी हो तथा योनि मारà¥à¤— से साफ दà¥à¤°à¤µ बह रहा हो।
जोखिम से निपटने की लिठतैयारी
खतरे के संकेतः
महिला को निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित में से कोई à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होने पर à¤à¤« आर यू में जाना चाहिà¤à¤ƒ
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान योनि मारà¥à¤— से किसी तरह का रकà¥à¤¤ सà¥à¤°à¤¾à¤µ तथा पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद à¤à¤¾à¤°à¥€ रकà¥à¤¤ सà¥à¤°à¤¾à¤µ (>500 à¤à¤® à¤à¤²)
धà¥à¤‚धला दिखाई देने के साथ-साथ तेज सिर दरà¥à¤¦
à¤à¤‚ठन होना अथवा होश खो बैठना
पà¥à¤°à¤¸à¤µ में 12 घंटे से अधिक समय लगना
पà¥à¤°à¤¸à¤µ उपरानà¥à¤¤ 30 मिनट के अंदर पà¥à¤°à¤‡à¤¨ बाहर न आना
समय से पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ (8 महीने से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ आरंठहोना)
अपरिपकà¥à¤µ अथवा पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ का फटना
उदर में लगातार तेज दरà¥à¤¦ होना
पी.à¤à¤š.सी.
महिला को निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित में से कोई à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होने पर उसे 24 घंटे सेवा पी.à¤à¤š.सी में ले जाना चाहिà¤
पेट दरà¥à¤¦ सहित या रहित तेज बà¥à¤–ार होने तथा पलंग से उठने में बहà¥à¤¤ ही कमजोरी महसूस करना
सांसों का तेजी से आना या उसमें कठिनाई होना
à¤à¥à¤°à¥‚ण संचरण में कमी होना या न होना
अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होना जिससे कि महिला कà¥à¤› à¤à¥€ खाने में असमरà¥à¤¥ हो जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प पेशाब कम हो।
रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¨ के लिठतैयारी
माता की मृतà¥à¤¯à¥ में पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ और पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारण है। à¤à¤¸à¥‡ मामलों में रकà¥à¤¤ संचारण कराना जीवन रकà¥à¤·à¤• साबित हो सकता है। रकà¥à¤¤ खरीदा नहीं जा सकता है। रकà¥à¤¤ संचारण के लिठरकà¥à¤¤ जारी करने से पूरà¥à¤µ सà¥à¤µà¥ˆà¤šà¥à¤›à¤¿à¤• रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¨à¤•रà¥à¤¤à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है जिससे कि आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ने पर उसका रकà¥à¤¤ दिया जा सके। इस पà¥à¤°à¤•ार के रकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¨à¤•रà¥à¤¤à¤¾ (2 या 3 संखà¥à¤¯à¤¾) तैयार होने चाहिठजिससे कि आवशà¥à¤¯à¤•ता की पूरà¥à¤¤à¤¿ की जा सके।
पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° सावधानीः
अनà¥à¤¸à¤‚धान से मालूम हà¥à¤† है कि 50 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से अधिक माता की मृतà¥à¤¯à¥ पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° काल में ही होती है। परंपरागत रूप से पà¥à¤°à¤¸à¤µ के उपरांत पहले 42 दिन ( 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹) को पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° काल माना जाता है। इसमें से पहले 48 घंटे तथा बाद का à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ मां तथा उसके नवजात शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ तथा जीवन के लिठअतà¥à¤¯à¤‚त संकटकालीन होता है। इसी अवधि में माता और नवजात शिशॠके लिठपà¥à¤°à¤¾à¤£-घातक तथा मरणासनà¥à¤¨ जटिलताà¤à¤‚ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है। माता और शिशॠसà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ रख-रखाव के सà¤à¥€ अवयवों में से पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° देखà¤à¤¾à¤² तथा नवजात शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² में अतà¥à¤¯à¤‚त अवहेलना होती है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° अवधि के दौरान 6 में से केवल 1 महिला को ही देखà¤à¤¾à¤² की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ उपलबà¥à¤§ हो पाती है। (राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ परिवार सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सरà¥à¤µà¥‡à¤•à¥à¤·à¤£ (à¤à¤¨.à¤à¤«.à¤à¤š.à¤à¤¸.) के आंकड़ों से यह संकेत मिलता है कि घर पर ही पà¥à¤°à¤¸à¤µ करने वाली महिलाओं में से केवल 17 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° जांच दो माह के अंदर हो पाती है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ घर पर ही पà¥à¤°à¤¸à¤µ करने वाली महिलाओं में केवल 2 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ को ही पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤ªà¤°à¤¾à¤‚त दो दिन के अंदर पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° देखà¤à¤¾à¤² की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ सà¥à¤²à¤ हो सकी है तथा 5 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ को 7 दिन के अंदर यह सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ उपलबà¥à¤§ हो सकी है। साथ ही, महिलाओं के इस नà¥à¤¯à¥‚न à¤à¤¾à¤— से à¤à¥€ अधिकांश महिलाओं को à¤à¤¸à¥€ समूची सूचना तथा सेवाà¤à¤ उपलबà¥à¤§ नहीं करायी जा सकी थी जो कि पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¤° जांच के दौरान आने वाली महिलाओं को उपलबà¥à¤§ कराना अनिवारà¥à¤¯ था।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ महिला को शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• समंजन करना पड़ता है और इसके लिठसहारे तथा समठकी आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इस पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¸à¤µ पà¥à¤¯à¥‚रपरल सेपासिस अथवा गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के आस-पास ऊतक (टिशà¥à¤¯à¥‚) के खराब होने, मूतà¥à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£, शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ में चोट लगना तथा पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° मनोविकारी बीमारी के कà¥à¤› चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ रोग के मामले सामने आये हैं। यह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि इन रोगों की शीघà¥à¤°à¤¤à¤¾-शीघà¥à¤° जांच-परख कर उनका इलाज किया जाठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें से कà¥à¤›à¥‡à¤• जटिलताà¤à¤‚ अधिक जानलेवा हो सकती है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤ªà¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤-शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤ªà¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤ 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के दौरान मां को अनेक शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ होता है
गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤°à¤£ और दरà¥à¤¦ के तनाव के बाद मां को उदासी तथा आंसू आ सकते हैं।
उसके आनà¥à¤¤à¤°à¤¿à¤• अंग विशेषकर बचà¥à¤šà¤¾à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ सामानà¥à¤¯ आकार में आना।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद लगà¤à¤— चार सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद बचà¥à¤šà¤¾à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ से रिसने वाले रकà¥à¤¤ तथा अनà¥à¤¯ दà¥à¤°à¤µà¥‹à¤‚ का रंग धीरे धीरे लाल रंग से पीले कà¥à¤°à¥€à¤® के समान होने लगे अथवा बिलà¥à¤•à¥à¤² ही बंद हो जाà¤à¥¤
यदि माठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं कराती है तो 4 से 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के अंदर माहवारी फिर से आरंठहोती है-अथवा मां के सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने पर कई और माह के बाद।
संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ ज़ोखिम :
पà¥à¤°à¤¸à¤µ उपरानà¥à¤¤ की अवधि में तीन पà¥à¤°à¤•ार की गंà¤à¥€à¤° जटिलताà¤à¤‚ पैदा हो सकती है:
à¤à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ªà¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ (पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद पहले दो दिन या 48 घंटे के अंदर) संकà¥à¤°à¤®à¤£ और रकà¥à¤¤ सà¥à¤°à¤¾à¤µ (तेज रकà¥à¤¤ सà¥à¤°à¤¾à¤µ)। संकà¥à¤°à¤®à¤£, पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ दीरà¥à¤˜à¤•ालीन पà¥à¤°à¤¸à¤µ वेदना या कोशिकाओं के समय से पहले à¤à¤‚ग होने के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प होता है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान साफ-सफाई की कमी के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है (जैसा कि पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति परिचर के हाथ अथवा उपकरण साफ न हो) या सीजेरियन सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है। गंà¤à¥€à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£ के चिहà¥à¤¨ बà¥à¤–ार, सिरदरà¥à¤¦, पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना, योनि के रिसाव से बदबू आना तथा उलà¥à¤Ÿà¥€ व दसà¥à¤¤ होना। ये खतरनाक चिहà¥à¤¨ होते हैं। यदि किसी महिला में ये लकà¥à¤·à¤£ हों तो उसे तà¥à¤°à¤‚त कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• या असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में जाना चाहिà¤à¥¤ रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद दस या इससे अधिक दिनों के बाद हो सकता है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद यदि पà¥à¤°à¤‡à¤¨ संपूरà¥à¤£ रूप से बाहर नहीं आती है तो रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ जारी रह सकता है तथा à¤à¤¾à¤°à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में हो सकता है। लोचिया जननेंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से होने वाला रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ होता है। पहले यह शà¥à¤¦à¥à¤§ रकà¥à¤¤ होता है, बाद में पीलापन आता है, कम होने लगता है और अंत में जोखिम पैदा करता है जो कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के उपरांत पैदा होती है, जैसे कि खून की कमी और नासूर पैदा हो जाना। नासूर के रूप में छिदà¥à¤° होते हैं जो कि जननेंदà¥à¤°à¤¿à¤¯ और पेशाब के रासà¥à¤¤à¥‡ अथवा मलाशय के बीच होते हैं।
गंà¤à¥€à¤° जटिलताà¤à¤‚, पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° खतरा चिहà¥à¤¨à¤ƒ
बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ किसी महिला को यदि निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित खतरे का चिहà¥à¤¨ दिखाई दे तो उसे शीघà¥à¤° ही देखà¤à¤¾à¤² करानी चाहिà¤à¤ƒ
बेहोश होना, दौरा पड़ना या à¤à¤‚ठन होना
रकà¥à¤¤-सà¥à¤°à¤¾à¤µ घटने के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर बढ़ता हो या उसके अंदर बड़ी-बड़ी गांठे या कोशिकाà¤à¤‚ आती हो
बà¥à¤–ार
उदर में तेज दरà¥à¤¦ या बढ़ने वाला दरà¥à¤¦ हो
उलà¥à¤Ÿà¥€ और अतिसार
रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ या जननेंदà¥à¤°à¤¿à¤¯ से तरल पदारà¥à¤¥ आना, जिससे बदबू आती हो
छाती में तेज दरà¥à¤¦ अथवा सांस लेने में तकलीफ हो
पैर या सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦, सूजन और/या लाल होना
दरà¥à¤¦, सूजन, लाली और /या कटान के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ (यदि किसी महिला को कटान या सीजेरियन ऑपरेशन हà¥à¤† हो)
मूतà¥à¤° या मल जननेंदà¥à¤°à¤¿à¤¯ के मारà¥à¤— से निकलना (मल विसरà¥à¤œà¤¨ के समय)
मूतà¥à¤° विसरà¥à¤œà¤¨ के समय दरà¥à¤¦ होना
मसूड़ों, पलकों, जीठया हथेलियों में पीलापन
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• में जाना
नयी मां को अपने पà¥à¤°à¤¥à¤® पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° जांच के लिठपà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤ªà¤°à¤¾à¤‚त 7 से 10 दिन के अंदर सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• में जाना चाहिठअथवा किसी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ को घर पर ही आना चाहिà¤à¥¤ यदि उसका पà¥à¤°à¤¸à¤µ घर पर ही हà¥à¤† हो तो यही सही रहता है। पहली जांच के लिठजाना इसलिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ किया जा सके कि मां और शिशॠदोनों (जचà¥à¤šà¤¾- बचà¥à¤šà¤¾) पà¥à¤°à¤¸à¤µ और पीड़ा से उबर रहे हैं। यदि सà¤à¥€ कà¥à¤› ठीक-ठाक हो तो अगली जांच बचà¥à¤šà¤¾ पैदा होने से 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद होनी चाहिà¤à¥¤ जचà¥à¤šà¤¾-बचà¥à¤šà¤¾ दोनों की पूरी तरह शारीरिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤¾ करनी चाहिठऔर बचà¥à¤šà¥‡ का असंकà¥à¤°à¤®à¥€à¤•रण कराना चाहिà¤à¥¤ इसके अतिरिकà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨, संà¤à¥‹à¤— संबंध, परिवार नियोजन और बचà¥à¤šà¥‡ के असंकà¥à¤°à¤®à¥€à¤•रण या अनà¥à¤¯ विषयों के संबंध में महिला दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पूछे गठपà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨à¥‹à¤‚ के उतà¥à¤¤à¤° देने का यह à¤à¤• अति उतà¥à¤¤à¤® अवसर होता है।
खान-पान और विशà¥à¤°à¤¾à¤®
बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤, महिलाओं को उनकी शकà¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤¨à¤ƒ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने और पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा तथा पà¥à¤°à¤¸à¤µ से उबरने के लिठअचà¥à¤›à¥‡ खान-पान की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। खून की कमी न होने पाठइसलिठउनको लौह (आयरन) गोलियां लेते रहना चाहिà¤, विशेषकर जबकि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान खून बह गया हो। यदि कोई महिला सà¥à¤¤à¤¨ पान कराती है तो उसके à¤à¥‹à¤œà¤¨ में अतिरिकà¥à¤¤ खादà¥à¤¯ और पीने की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ होनी चाहिà¤à¥¤ सà¥à¤¤à¤¨-पान कराने वाली महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान खाने से à¤à¥€ कहीं अधिक à¤à¥‹à¤œà¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤¤à¤¨-पान कराने से सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯-वरà¥à¤§à¤•(मातृ-शिशॠरकà¥à¤·à¤¾ कारà¥à¤¡) संचयन की मांग होती है। कैलोरी, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, लौह, विटामिन तथा अनà¥à¤¯ सूकà¥à¤·à¥à¤® पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाना चाहिà¤à¥¤ उदाहरण के लिठदालें, दूध तथा दूध से बने पदारà¥à¤¥ हरी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ वाली सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ तथा अनà¥à¤¯ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फल, मà¥à¤°à¥à¤— उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦, मांस, अंडा और मछली। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के तà¥à¤°à¤‚त बाद तथा पà¥à¤°à¤‡à¤¨ गिरने के दौरान वरà¥à¤œà¤¿à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की संखà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान से कहीं अधिक होती है। इनको पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ नहीं देना चाहिà¤à¥¤ उनको यह à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठकि वे तरल पदारà¥à¤¥ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में लें। महिलाओं को पà¥à¤°à¤¸à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° अवधि में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ विशà¥à¤°à¤¾à¤® की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है जिससे कि वे अपनी शकà¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤¨à¤ƒ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर सके। उसको, उसके पति तथा परिवार के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ यह परामरà¥à¤¶ देना चाहिठकि उसको अपना तथा बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² के अतिरिकà¥à¤¤ कोई अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤°à¥€ कारà¥à¤¯ नहीं करना है।
साफ-सफाई
महिला को सलाह दें तथा सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करें कि जननेंदà¥à¤°à¤¿à¤¯ में कोई वसà¥à¤¤à¥ न डालें तथा मल निकलने के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ मूलाधार को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ अचà¥à¤›à¥€ तरह साफ करें। यदि पà¥à¤°à¤‡à¤¨ अधिक आ रही हो तो मूलाधार पैड को पà¥à¤°à¤¤à¤¿ 4 से 6 घंटे के अंदर बदल देना चाहिà¤à¥¤ यदि कपड़े के पैड का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाठतो पैड को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ साबà¥à¤¨ पानी से साफ करना चाहिठतथा धूप में सà¥à¤–ाया जाना चाहिà¤à¥¤ उसको नियमित सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करने की सलाह दी जाठतथा बचà¥à¤šà¥‡ को हाथों में लेने से पहले साबà¥à¤¨ से हाथ धो लिया जाà¤à¥¤
सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤: पोरà¥à¤Ÿà¤² विषय सामगà¥à¤°à¥€ टीम
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